शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ वनमालिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवनमाली रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सुगंधित वन-पुष्पों की वैजयंती माला पहनते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रकृति से गहरा जुड़ाव और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का जागरण
विस्तृत लाभ
प्रकृति से गहरा जुड़ाव और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का जागरण।
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ॐ भ्रां भ्रां भ्रां भैरवाय नमः।
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एकदन्तं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम् । लम्बोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम् ॥
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौं ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम् । वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥