शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ वेदवेद्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवेद-वेद्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्हें केवल वेदों के माध्यम से जाना जा सकता है, उन्हें नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों तक पहुंच
विस्तृत लाभ
शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों तक पहुंच।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सुनासायै नमः
ॐ क्लैब्यनाशिन्यै नमः
ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि। तन्नो राधा प्रचोदयात्॥
विष्णुप्रिये! रत्नगर्भे! समस्तफलदे शिवे! त्वद्गर्भगतहेमादीन् सम्प्रदर्शय दर्शय॥
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
कल्हारांबुज बीजपूरक गदा दन्तेक्षु बाणैः सदा बिभ्राणो मणिकुम्भ शालिकलशौ पाशं च चक्रान्वितम् । गौराङ्ग्या रुचिराविन्दकरया देव्या सदा संयुतः शोणाङ्कुश शुभमातनोतु भजतामुद्दण्डविघ्नेश्वरः ॥