शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये पञ्चमहाभूतानि तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारऔपनिषदिक ध्यान मंत्र।
स्वरूपपञ्चमहाभूत स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी रूप हैं, उन राम को नमन।
जप काल
ध्यान-साधना, मोक्ष-कामना हेतु एकांत में मानसिक जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
विद्याः समस्तास्तव देवि भेदाः स्त्रियः समस्ताः सकला जगत्सु। त्वयैकया पूरितमम्बयैतत् का ते स्तुतिः स्तव्यपरा परोक्तिः॥
महेन्द्रे वै गिरिश्रेष्ठे रामं नित्यम् उपासते। ऋषयो वेदविदुषो गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥
ॐ वीरवराग्रगाय नमः
ॐ हृषीकेशाय नमः
क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम्। अभूतिमसमृद्धिं च सर्वां निर्णुद मे गृहात्॥
ॐ कलानिधये नमः।