शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सर्ववेदशाखासांख्यपुराणात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारऔपनिषदिक ध्यान मंत्र।
स्वरूपसर्व-वेद, शाखा, सांख्य एवं पुराण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त वेदों, शाखाओं, सांख्य दर्शन और पुराणों के स्वरूप हैं, उन राम को नमन।
जप काल
ध्यान-साधना, मोक्ष-कामना हेतु एकांत में मानसिक जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ करवालप्रियाकन्थायै नमः
द्विषड्भुजं द्वादशदिव्यनेत्रं त्रयीतनुं शूलमसिं दधानम् । शेषावतारं कमनीयरूपं ब्रह्मण्यदेवं शरणं प्रपद्ये ॥
ॐ ऋषिप्रवरवन्द्याय नमः
ॐ विष्णुपत्न्यै नमः
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ रावणान्तकराय नमः