शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
आलिङ्ग्य देवीं हरितां निषण्णां परस्परश्लिष्ट कटौ निविश्य । सन्ध्यारुणं पाशसृणीं वहन्तं भयापहं शक्ति गणपतिमीडे ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शक्ति की प्राप्ति और हर प्रकार के भय से मुक्ति
विस्तृत लाभ
शक्ति की प्राप्ति और हर प्रकार के भय से मुक्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो अत्यंत तेजस्वी और महाप्रतापी हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: व्यक्तित्व में तेज और ओज की वृद्धि) 19।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अमृतं तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥ 18
ऋतं सत्यं परं ब्रह्म पुरुषं कृष्णपिङ्गलम्
ॐ कदलीगर्भमध्यस्थायै नमः
ॐ ह्रीं श्रीं वीर लक्ष्म्यै नमः।