शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ अकिञ्चनवरप्रदायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो दीन-हीनों (अकिंचन) को वरदान देती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दरिद्रता का निवारण
विस्तृत लाभ
दरिद्रता का निवारण।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वे वै देवा देवीमुपतस्थुः कासि त्वं महादेवीति। साब्रवीत्- अहं ब्रह्मस्वरूपिणी। मत्तः प्रकृतिपुरुषात्मकं जगत्। शून्यं चाशून्यं च॥
वाक्च मे मनश्च मे चक्षुश्च मे श्रोत्रं च मे...
ॐ भूतभव्यभवत्प्रभवे नमः
ॐ अदित्यै नमः
ॐ महन्मान्याय नमः
सभासु वदतां श्रेष्ठो राज्ञां भवति च प्रियः। वैदिकं तान्त्रिकं चैव मान्त्रिकं ज्ञानमुत्तमम्॥