शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ अनादये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपआदि-रहित
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका कोई आरंभ नहीं है, जो सृष्टि से पूर्व भी थे।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मोह नाश
विस्तृत लाभ
मोह नाश
जप काल
ध्यान
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अनघाय नमः
ॐ साधकोत्तमसर्वस्वायै नमः
ॐ क्षत्रवट नरसिंहाय नमः
ॐ कृष्णप्रेमतरङ्गिण्यै नमः
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
समागच्छ महालक्ष्मि! धन्यधान्यसमन्विते! प्रसीद पुरतः स्थित्वा प्रणतं मां विलोकय॥