शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ अनुग्रहायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भक्तों पर अहैतुकी अनुग्रह (कृपा) करने वाली देवी को नमन।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके। घण्टास्वनेन नः पाहि चापज्यानिःस्वनेन च॥
ॐ क्रीं कालिके स्वाहा
ॐ आत्मवते नमः
त्वं ब्रह्मा त्वं विष्णुस्त्वं रुद्रस्त्वमिन्द्रस्त्वमग्निस्त्वं वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चन्द्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुवःस्वरोम् ॥
ॐ सर्वैश्वर्यप्रदायै नमः
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतक्लेशनाशाय