शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भद्रकाली मंत्र
भद्रकाली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारअघोर / उग्र साधना मंत्र
स्वरूपभद्रकाली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मंगलकारी (भद्र) और संहारक (महाकाली) देवी सभी बाधाओं को नष्ट करें (फट्)।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
काल-भय से मुक्ति, घोर तंत्र-बाधा का नाश
विस्तृत लाभ
काल-भय से मुक्ति, घोर तंत्र-बाधा का नाश।
जप काल
अष्टमी या चतुर्दशी की रात्रि को।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दिव्यमूर्तये नमः।
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं संतान लक्ष्म्यै नमः।
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ दीर्घतपसे नमः
ॐ मोरेश्वराय नमः (अथवा ॐ मयूरेश्वराय नमः)
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय