शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ भावाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो शुद्ध अस्तित्व स्वरूप हैं
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आत्मज्ञान और सत्य की पहचान
विस्तृत लाभ
आत्मज्ञान और सत्य की पहचान 22
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कृषिश्च मे वृष्टिश्च मे जैत्रं च मे औद्भिदं च मे...
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद सर्वसौभाग्यं देहि देहि स्वाहा।
ॐ सर्वकर्तृकाय नमः
ॐ रूपसौभाग्यदायिन्यै नमः
ॐ स्फेम् क्रौम् क्षौम् ग्लौम् वम् राम् वा ह्रौम् ह्रीम् राम् स्फेम् क्रौम् क्षौम् ग्लौम् क्षीम् क्षौम् धुम् हम् ह्लौम् ह्रीम् राम्॥
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की