शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ब्रह्मस्वरूपा परमा (याज्ञवल्क्य कृत)
ब्रह्मस्वरूपा परमा ज्योतिरूपा सनातनी। सर्वविद्याधिदेवी या तस्यै वाण्यै नमो नमः॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारवंदना मन्त्र
स्वरूपसनातनी ज्योतिरूपा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ब्रह्म-स्वरूपा, परम ज्योति स्वरूपा, सनातनी और सभी विद्याओं की अधिष्ठात्री हैं, उन वाग्देवी को बारंबार नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी प्रकार की विद्याओं पर आधिपत्य
विस्तृत लाभ
सभी प्रकार की विद्याओं पर आधिपत्य।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
विष्णवे जिष्णवे महाविष्णवे प्रविष्णवे महेश्वराय
ॐ देवकीनन्दनाय नमः
ॐ निरञ्जनायै नमः
ॐ अव्यग्राय नमः
ॐ पद्ममुख्यै नमः