शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ धुरन्धराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभार-वाहक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ब्रह्मांड के सबसे बड़े धुरंधर (भार उठाने वाले) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बड़े और कठिन उत्तरदायित्वों को बिना थके और बिना तनाव के निभाने की क्षमता
विस्तृत लाभ
बड़े और कठिन उत्तरदायित्वों को बिना थके और बिना तनाव के निभाने की क्षमता।
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ॐ जिह्वां कृष्णप्रिया तथा।
क्षरं प्रधानममृताक्षरं हरः क्षरात्मानावीशते देव एकः। तस्याभिध्यानाद्योजनात्तत्त्वभावाद् भूयश्चान्ते विश्वमायानिवृत्तिः॥
यस्याः प्रभावमतुलं भगवाननन्तो ब्रह्मा हरश्च न हि वक्तुमलं बलं च। सा चण्डिकाखिलजगत्परिपालनाय नाशाय चाशुभभयस्य मतिं करोतु॥ 18
ॐ कारणार्णवसम्मग्नायै नमः
ॐ पिङ्गाक्षाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अष्टदिक्पालाः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः