शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ दुराराध्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकठोर तप आराध्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्हें प्रसन्न करना अत्यंत उग्र तपस्या के बिना कठिन है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दृढ़ निश्चय
विस्तृत लाभ
दृढ़ निश्चय
जप काल
संकल्प काल
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥
ॐ महा काल्यै च विद्महे श्मशान वासिन्यै च धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात
ॐ महाद्युतये नमः
ॐ गिरीशाय नमः
ॐ नृसिंहः पातु वायव्यां सौम्यं भूषणविग्रहः
ॐ बलिने नमः