शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ द्युतिमते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकांतिमय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शरीर दिव्य तेज और कांति से प्रकाशित रहता है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आभा विकास
विस्तृत लाभ
आभा विकास
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नमो भगवते फट् भैरवाय... आकर्षय-2 आवेशय-2 मोहय-2 भ्रामय-2... ह्रां ह्रीं त्रिपुरतांडवाय अष्टभैरवाय भाषय-2 स्वाहा।
व्रीहयश्च मे यवाश्च मे माषाश्च मे तिलाश्च मे...
पाशाङ्कुश स्वदन्त आम्र फलवान् आखुवाहनः । विघ्नान् निहन्तु नः शोणः सृष्टिदक्षो विनायकः ॥
ॐ सदाहनुमदाश्रिताय नमः
ॐ श्रीदामप्रियाय नमः
ॐ नारसिंहाय नमः