शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ ईश्वर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त ऐश्वर्यों की स्वामिनी (परमेश्वरी) हैं।
जप काल
तुलसी माला पर जप।
टिप्पणी
साधना की दृष्टि से इन नामों को ॐ और 'नमः' या 'स्वाहा' के सम्पुट के साथ जपा जाता है।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वे वै देवा देवीमुपतस्थुः कासि त्वं महादेवीति। साब्रवीत्- अहं ब्रह्मस्वरूपिणी। मत्तः प्रकृतिपुरुषात्मकं जगत्। शून्यं चाशून्यं च॥
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पूरुषानहम्॥
ॐ रावणान्तकराय नमः
ॐ सर्गस्थित्यन्तकारिण्यै नमः
ॐ विराट्सुताय नमः
ॐ कपालार्घ्यपरायणायै नमः