शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ गोपालाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपगो-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
गायों का पालन करने वाले बाल-रूप को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सरल जीवन और सुरक्षा
विस्तृत लाभ
सरल जीवन और सुरक्षा
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ।
ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्
कल्हार शालि कमलेक्षुक चाप बाण दन्तप्ररोहक गदी कनकोज्ज्वलाङ्गः । आलिङ्गनोद्यतकरो हरिताङ्गयष्ट्या देव्या दिशत्वभयम् ऊर्ध्वगणाधिपो मे ॥
ॐ गुहाय नमः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरसुन्दर्यै नमः॥
ॐ कमनीयविभूषणायै नमः