शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ गुडाकेशाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपनिद्रा-विजेता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने आलस्य और निद्रा को पूरी तरह जीत लिया है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आलस्य नाश
विस्तृत लाभ
आलस्य नाश
जप काल
प्रातःकाल
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नारायणसमाश्रितायै नमः
ॐ हरिमर्कटमर्कटाय नमः
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
ॐ वीणावादनतत्परायै नमः
ॐ प्रभवे नमः
चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं। प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्॥