शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ हर्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपताप-हारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
समस्त तापों को हरने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मानसिक अवसाद नाश
विस्तृत लाभ
मानसिक अवसाद नाश
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कर्बूराक्षरायै नमः
नमो अस्तु नीलग्रीवाय सहस्राक्षाय मीढुषे। अथो ये अस्य सत्त्वानोऽहं तेभ्योऽकरं नमः॥
ॐ श्रीकृष्णाङ्गसदाध्याय्यै नमः
ॐ शक्तिपाणिमते नमः
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
ॐ मानिन्यै नमः