शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ हविषे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपहवि (आहुति)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं यज्ञ की आहुति रूप हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
यज्ञ का पूर्ण फल
विस्तृत लाभ
यज्ञ का पूर्ण फल
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शुक्लमाल्याम्बरायै नमः
ॐ वसवे नमः
कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च । नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः ॥
ॐ दुर्गमार्थस्वरूपिण्यै नमः
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥