शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ग्रह-बाधा निवारण मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम ग्रह बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनवग्रह शांति मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे बटुक, मेरी ग्रह बाधा का निवारण करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नवग्रहों के क्रूर प्रभाव को शांत करने हेतु
विस्तृत लाभ
नवग्रहों के क्रूर प्रभाव को शांत करने हेतु 11।
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