कार्तिकेय मंत्र
ॐ कमलालयामध्यस्थायै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
कमल के बिल्कुल मध्य भाग में प्रतिष्ठित रहने वाली।
इस मंत्र से क्या होगा?
आज्ञा चक्र या अनाहत चक्र में देवी का ध्यान केंद्रित होना
विस्तृत लाभ
आज्ञा चक्र या अनाहत चक्र में देवी का ध्यान केंद्रित होना।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो माता एकवीरा (रेणुका का एक नाम) के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: माता की असीम कृपा) 19।
ॐ शमीगर्भाय नमः
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
ॐ वरारोहायै नमः
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो अघोरघोरेतरेभ्यः। सर्वतः शर्वः सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्र रूपेभ्यः॥
ॐ कोमलाङ्ग्यै नमः