शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ काञ्चनाचलकौमुद्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
स्वर्ण पर्वत पर चंद्रमा की चांदनी के समान चमकने और मार्ग दिखाने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अपार धन-संपदा का प्रकटीकरण और जीवन में प्रकाश
विस्तृत लाभ
अपार धन-संपदा का प्रकटीकरण और जीवन में प्रकाश।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ स्ह्क्ल्रीं हं नमः।
ॐ वायुपुत्राय नमः
ॐ सिद्धिसेविताय नमः।
अष्टदलोपरिवेष्टितलिङ्गं सर्वसमुद्भवकारणलिङ्गम्। अष्टदरिद्रविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ दुर्गमालोकायै नमः