शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ किशोर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सदा नव-यौवना 'किशोरी' हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
यौवन, ऊर्जा और स्वास्थ्य की रक्षा
विस्तृत लाभ
यौवन, ऊर्जा और स्वास्थ्य की रक्षा।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
ॐ तृणीकृततृणावर्ताय नमः
ॐ रामभद्राय नमः
ॐ दण्डधारकाय नमः
ॐ प्रलयाय नमः