शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
लम्बोदरं श्यामं तनुं गणेशं कुठारमक्षस्रजं ऊर्ध्वगाभ्याम् । सालद्रुङ्गं दन्तमधः कराभ्यां वामेतराभ्यां च दधानमीडे ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असीम एकाग्रता और लक्ष्य के प्रति बलिदान की भावना
विस्तृत लाभ
असीम एकाग्रता और लक्ष्य के प्रति बलिदान की भावना।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ फाल्गुनसखाय नमः
ॐ चतुर्व्यूहाय नमः
ॐ वृषभासुरविध्वंसिने नमः
ॐ दुर्गमध्यानभासिन्यै नमः
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥
ॐ स्त्रैणसौम्यायै नमः