कार्तिकेय मंत्र
ॐ नदीवासाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो नदियों और पवित्र तीर्थों के जल में अदृश्य रूप से वास करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
गंगा, गोदावरी आदि पवित्र नदियों के स्नान का पुण्य बिना यात्रा किए प्राप्त होना
विस्तृत लाभ
गंगा, गोदावरी आदि पवित्र नदियों के स्नान का पुण्य बिना यात्रा किए प्राप्त होना।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ पार्थसारथये नमः
ॐ पूर्वां दिशं कृष्णरता पातु।
ॐ सहस्रशीर्षायै नमः
ॐ सर्वज्ञाय नमः
मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं कलाधरावतंसकं विलासिलोकरक्षकम् । अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकं नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम् ॥