कार्तिकेय मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
मैं भगवान वासुदेव (जो सभी जीवों के हृदय में वास करते हैं) को प्रणाम करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति, नकारात्मक कर्मों का क्षय और आध्यात्मिक जागृति
विस्तृत लाभ
जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति, नकारात्मक कर्मों का क्षय और आध्यात्मिक जागृति 25।
जप काल
नित्य साधना, विशेषकर एकादशी और गुरुवार को।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कुलकामिन्यै नमः
ॐ दिव्यतेजसे नमः।
ॐ पद्मोद्भवायै नमः
ॐ नमो भगवते नरसिंहाय नमस्तेजस्तेजसे आविराविर्भव वज्रनख वज्रदंष्ट्र कर्माशयान् रन्धय रन्धय तमो ग्रस ग्रस ॐ स्वाहा। अभयमभयमात्मनि भूयिष्ठा ॐ क्ष्रौम्॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये प्रणवार्धमात्रा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
विद्याः समस्तास्तव देवि भेदाः स्त्रियः समस्ताः सकला जगत्सु। त्वयैकया पूरितमम्बयैतत् का ते स्तुतिः स्तव्यपरा परोक्तिः॥