कार्तिकेय मंत्र
ॐ प्रद्युम्नाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
मैं ऐश्वर्य और वीर्य से युक्त प्रद्युम्न को नमन करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
मनोबल (Mind/Manas), संप्रभुता और रचनात्मकता का विकास
विस्तृत लाभ
मनोबल (Mind/Manas), संप्रभुता और रचनात्मकता का विकास 39।
जप काल
इच्छा शक्ति की प्रबलता हेतु।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ क्रियायै नमः
ॐ गोपगोपीश्वराय नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
ॐ भायभूतापिशचघ्नाय नमः
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥