शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ सर्वमङ्गलमाङ्गल्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूप(संपुट मंत्र)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी मंगलों के मांग्लय स्वरूप भगवान को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नामावली के पाठ के अंत में पूर्णता और मंगल
विस्तृत लाभ
नामावली के पाठ के अंत में पूर्णता और मंगल।
टिप्पणी
(टिप्पणी: यद्यपि पारंपरिक अष्टोत्तरशतनामावली में 108 नाम होते हैं, परंतु आरंभिक संकल्प (ॐ स्कन्दाय नमः) और समापन मंत्र (वल्ली देवसेनासमेत...) सहित यह शृंखला 108+ मंत्रों की बनती है। यहाँ क्रमांक 26 से 133 तक कुल 108 मंत्रों को सटीक अर्थ के साथ स्पष्ट किया गया है।)
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