शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ सर्वपुण्यायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वपुण्या
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी पुण्यों का एक साथ उदय
विस्तृत लाभ
सभी पुण्यों का एक साथ उदय
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सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
कांसोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम्। पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम्॥