शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ सर्वतन्त्रात्मकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपतंत्रेश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो विश्व के सभी तंत्रों (आगम शास्त्रों) की मूल आत्मा हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर अघोरी तांत्रिक बाधाओं और काले जादू (Black Magic) का अचूक शमन
विस्तृत लाभ
घोर अघोरी तांत्रिक बाधाओं और काले जादू (Black Magic) का अचूक शमन।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥ 18
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय उत्तर मुखे। आदि वराहाय सकल संपत्कराय स्वाहा॥
ॐ धनधान्यकर्यै नमः
ॐ भिन्नार्गलाय नमः
ॐ धीरोदात्ताय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये जनकनन्दिनी तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः