शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ सर्वतन्त्रात्मकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपतंत्रेश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो विश्व के सभी तंत्रों (आगम शास्त्रों) की मूल आत्मा हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर अघोरी तांत्रिक बाधाओं और काले जादू (Black Magic) का अचूक शमन
विस्तृत लाभ
घोर अघोरी तांत्रिक बाधाओं और काले जादू (Black Magic) का अचूक शमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पाशाङ्कुशापूप कपित्थजम्बू फलं तिलान् वेणुमपि स्वहस्तैः । धृतः सदासौ तरुणः अरुणाभः पायात्सयुष्मान् तरुणो गणेशः ॥
कैलासशिखरे रम्ये शंकरं लोकशंकरम्। पार्वत्युवाच- त्वत्तः श्रुतान्यशेषाणि जामदग्न्यस्य साम्प्रतम्॥
ॐ नमो भगवते रामाय महापुरुषाय नमः
रामोऽद्रिकूटेष्वथ विप्रवासे सानुजोऽव्याद् भरताग्रजो माम्
ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै एह्येहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
ॐ रत्नसिंहासनस्थाय नमः।