कार्तिकेय मंत्र
ॐ सर्वयन्त्रैकरूपाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो संसार के सभी आध्यात्मिक यंत्रों (श्री यंत्र आदि) के एकमेव रूप हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
यंत्र-साधना में शीघ्र प्राण-प्रतिष्ठा और सिद्धि की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
यंत्र-साधना में शीघ्र प्राण-प्रतिष्ठा और सिद्धि की प्राप्ति।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अयं यः सृञ्जये पुरो दैववाते समिध्यते । द्युमाँ अमित्रदम्भनः ॥
जो अदम्य साहस वाले परम वीर हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: साहस और निर्भयता) 19।
त्वं ब्रह्मा त्वं विष्णुस्त्वं रुद्रस्त्वमिन्द्रस्त्वमग्निस्त्वं वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चन्द्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुवःस्वरोम् ॥
ईशानः सर्वविद्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रह्माधिपतिर्ब्रह्मणोऽधिपतिर्ब्रह्मा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम्॥
ॐ सरस्वत्यै नमः
आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥