ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

कार्तिकेय मंत्र

शङ्खेषु चाप कुसुमेषु कुठार पाश चक्राङ्कुशौ कलममञ्जरिका गदाद्यौ । पाणिस्थितैः परिसमाहित भूषणः श्री विघ्नेश्वरो विजयते तपनीयगौरः ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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कृषि, भूमि संबंधित कार्यों में सफलता और सांसारिक बाधा निवारण

विस्तृत लाभ

कृषि, भूमि संबंधित कार्यों में सफलता और सांसारिक बाधा निवारण।

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