घोर विपत्ति एवं संकट नाश हेतु
शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 17
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
कोर्ट-कचहरी, राजदंड, और घोर जीवन संकट से आश्रितों की रक्षा
विस्तृत लाभ
कोर्ट-कचहरी, राजदंड, और घोर जीवन संकट से आश्रितों की रक्षा।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विरूपाक्षाय नमः
ॐ कंजलोचनाय नमः
ॐ कामरूपिण्यै नमः
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः
पाशाङ्कुश स्वदन्त आम्र फलवान् आखुवाहनः । विघ्नान् निहन्तु नः शोणः सृष्टिदक्षो विनायकः ॥
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।