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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

राधा तांत्रिक महाबीज मूल मंत्र (विस्तृत)

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं क्लीं श्रीं रां श्रीं ॐ राधायै स्वाहा ॐ

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारतांत्रिक महाबीज मंत्र
स्वरूपश्री राधा (सर्व-शक्तिमयी / मूल प्रकृति)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

श्रीं (लक्ष्मी/ऐश्वर्य), ह्रीं (भुवनेश्वरी/ह्लादिनी), क्लीं (काम/आकर्षण), और रां (राधा बीज) बीजों सहित परमतत्त्व श्री राधा को पूर्ण आहुति एवं नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अपार सौंदर्य, तीव्र आकर्षण, प्रबल प्रेम-भक्ति, और तांत्रिक इष्ट-सिद्धि की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

अपार सौंदर्य, तीव्र आकर्षण, प्रबल प्रेम-भक्ति, और तांत्रिक इष्ट-सिद्धि की प्राप्ति 32।

जप काल

अत्यंत गोपनीय; योग्य गुरु से दीक्षा के उपरांत रात्रिकाल में विशिष्ट तांत्रिक साधना के दौरान।

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