ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

एकाक्षरी कमला मंत्र

ॐ श्रीं नमः। (अथवा 'श्रीं')

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

'श्' अर्थात् महालक्ष्मी, 'र्' अर्थात् धन, 'ई' अर्थात् महामाया और अनुस्वार (बिंदु) दुःखहरण का प्रतीक है 23।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

तीव्र धन आकर्षण

विस्तृत लाभ

तीव्र धन आकर्षण।

जप काल

स्फटिक/कमलगट्टे की माला से नित्य जप।

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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

ॐ वल्लभावल्लभाय नमः

जामदग्न्यः परं यस्य दैवतं भृत्यवत्सलः। नित्यं परश्वधभृतः कवचस्यास्य धारणात्॥

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

ॐ योगिनांपतये नमः

वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नमः श्रेष्ठाय नमो रुद्राय नमः कालाय नमः कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमो बलाय नमो बलप्रमथनाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः॥

पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।

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