शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ शुभप्रदायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी प्रकार के शुभ प्रदान करने वाली को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ देव्यै नमः
ॐ वाग्मिने नमः
बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे। मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्॥
ॐ क्षोभणाय नमः।
यामिषुं गिरिशन्त हस्ते बिभर्ष्यस्तवे। शिवां गिरित्र तां कुरु मा हिंसीः पुरुषं जगत्॥
अहमेव स्वयमिदं वदामि जुष्टं देवेभिरुत मानुषेभिः। यं कामये तं तमुग्रं कृणोमि तं ब्रह्माणं तमृषिं तं सुमेधाम्॥