शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ शुभायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शुभ स्वरूपा देवी को नमन।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
थुतिप्पोरक्कु वल्विणैपोम् तुन्बम्पोम् नेञ्जिल् पतिप्पोरक्कु सेल्वम् पलिथ्थुक्
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
करस्थ कदली चूत पनसेक्षुक मोदकम्। बालसूर्य प्रभाकारं वन्देऽहं बालगाणपतिम्॥
ॐ गोविन्दायै नमः
ॐ महाकायाय नमः