शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ स्थविरो-ध्रुवाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत प्राचीन और ध्रुव (स्थिर)
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अचल संपत्ति और स्थिर बुद्धि
विस्तृत लाभ
अचल संपत्ति और स्थिर बुद्धि 81
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो बटुक भैरवाय कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यश्च यश्च मम सुखं तं तं मोहयतु स्वाहा।
ॐ आह्लादजनन्यै नमः
ॐ विघ्नकर्त्रे नमः
ॐ शत्रुविनाशनाय नमः
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ मुरारये नमः