शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ सुधामूर्त्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसुधामूर्ति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अमृतमयी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वाणी में अमृत के समान मिठास
विस्तृत लाभ
वाणी में अमृत के समान मिठास
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कुञ्जरासुरभञ्जनाय नमः
जो दुष्टों के दमन हेतु भयंकर परशु (फरसा) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: शत्रुओं से रक्षा) 19।
अहं सुवे पितरमस्य मूर्धन् मम योनिरप्स्वन्तः समुद्रे। ततो वि तिष्ठे भुवनानु विश्वोतामूं द्यां वर्ष्मणोप स्पृशामि॥
ॐ शिशुपालशिरश्छेत्त्रे नमः
ॐ स्कन्धौ मे पातु भद्रोऽसौ स्कन्ध-भुजायुधः
ॐ राघवाय नमः