शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ तारकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपभव-तारक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भवसागर से तारने वाले हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संसार सागर से पार लगाना
विस्तृत लाभ
संसार सागर से पार लगाना
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
श्रियमाक्रष्टुकामानामिदं कवचमुत्तमम्। स जामदग्न्यकवचं नित्यमावर्तयेन्नरः॥
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्। त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥
पवन तनय बल पवन समाना। (यह हनुमान जी की शक्ति का आह्वान कर न्याय प्राप्त करने हेतु है)।
ॐ नवनीतविलिप्ताङ्गाय नमः
ॐ अमृत्यवे नमः
ॐ जगन्मयाय नमः