शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ त्रिपुरान्तकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपत्रिपुरारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने त्रिपुरासुर का वध किया 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तीनों तापों का नाश
विस्तृत लाभ
तीनों तापों का नाश
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शिरो मे विष्णुपत्नी च ललाटं अमृतोद्भवा। चक्षुषी सुविशालाक्षी श्रवणे सागरम्बुजा॥
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ॐ क्रौञ्चदारणाय नमः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं आपदुद्धारणाय ह्रां ह्रीं ह्रूं अजामिलबद्धाय लोकेश्वराय स्वर्णाकर्षणभैरवाय मम दारिद्र्य विद्वेषणाय महाभैरवाय नमः श्रीं ह्रीं ऐं।
ॐ महाकालाय नमः
ॐ कुमारीभोजनानन्दायै नमः