शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ आहूताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपआहुत देव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवों द्वारा आहुत (बुलाए गए) भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रार्थनाओं की त्वरित स्वीकृति
विस्तृत लाभ
प्रार्थनाओं की त्वरित स्वीकृति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कौलिकप्रियकारिण्यै नमः
बिस्व भरन पोषन कर जोई। ताकर नाम सत्य अस होई॥
ॐ ब्रह्मणस्पते त्वमस्य यन्ता सूक्तस्य बोधि तनयं च जिन्व । विश्वं तद्भद्रं यदवन्ति देवा बृहद्वदेम विदथे सुवीराः ॥
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पूरुषानहम्॥
ॐ ज्वालाचक्राय स्वाहा – शिरसे स्वाहा