शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ अम्बिकायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
संपूर्ण जगत की आदि-माता
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
हुं नमो भगवते महाकाल भैरवाय कालाग्नितॆजसे अमुक शत्रुं मारय-मारय पोथय-पोथय हुं फट् स्वाहा।
कांसोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम्। पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम्॥
शङ्खेषु चाप कुसुमेषु कुठार पाश चक्राङ्कुशौ कलममञ्जरिका गदाद्यौ । पाणिस्थितैः परिसमाहित भूषणः श्री विघ्नेश्वरो विजयते तपनीयगौरः ॥
ॐ दण्डधारकाय नमः
ॐ विश्वामित्रायै नमः
ॐ परशुरामाय नमः