शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ कूष्माण्डा मूल मंत्र
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ 16
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनवदुर्गा मूल मंत्र |
स्वरूपकूष्माण्डा (चतुर्थ दिन)
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अनाहत चक्र का भेदन, रोग-शोक का नाश, आयु, यश और बल की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
अनाहत चक्र का भेदन, रोग-शोक का नाश, आयु, यश और बल की प्राप्ति 17।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमानन्दाद्वैतात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥
ॐ जगद्रथाय नमः
ॐ शुचये नमः
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ हुं हुं शत्रुस्तम्भनाय हुं हुं ॐ फट्