शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ईशान मंत्र (ऊर्ध्व मुख)
ईशानः सर्वविद्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रह्माधिपतिर्ब्रह्मणोऽधिपतिर्ब्रह्मा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपंचब्रह्म अनुग्रह मंत्र
स्वरूपईशान शिव (अनुग्रह स्वरूप, आकाश तत्त्व)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी विद्याओं के स्वामी हैं, समस्त जीवों के ईश्वर हैं, ब्रह्मा के भी अधिपति हैं, वह सदाशिव मेरे लिए सर्वदा कल्याणकारी हों 36।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ज्ञान, विद्या, परमानंद और सर्वोच्च आध्यात्मिक सिद्धि की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ज्ञान, विद्या, परमानंद और सर्वोच्च आध्यात्मिक सिद्धि की प्राप्ति 34।
जप काल
ऊर्ध्व (ऊपर की ओर) मुख या ईशान कोण में मुख करके।
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