ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्रीकृष्ण मंत्र

गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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ॐ, श्रीं, ह्रीं—इन तीन बीजाक्षरों के प्रभाव से जीवन में स्थिरता और मोद

विस्तृत लाभ

ॐ, श्रीं, ह्रीं—इन तीन बीजाक्षरों के प्रभाव से जीवन में स्थिरता और मोद।

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