शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ घनश्यामाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपघनश्याम
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शारीरिक वर्ण वर्षा ऋतु के मेघों के समान सुंदर साँवला है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शांति
विस्तृत लाभ
शांति
जप काल
ध्यान
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सदाम्बिकायै स्वाहा वायव्ये मां सदाऽवतु। (अर्थ: सदाम्बिका देवी वायव्य कोण में रक्षा करें) 8
ॐ विश्वतोमुखाय नमः
ॐ शाम्भव्यै नमः
ॐ पुराणपुरुषोत्तमाय नमः
क्लह्रीं (Klhrīm)
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।