शम्भु रुद्र मंत्र
ॐ गं ग्लौं श्रौं ग्लौं गं ॐ नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
(यह पूर्णतः तांत्रिक बीज मंत्र है जिसमें गणेश 'गं' और समृद्धि 'श्रौं' का प्रभाव समाहित है) शम्भु रुद्र को नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
असीम समृद्धि, कुबेर-समान धन प्राप्ति और सभी प्रकार के विघ्नों का समूल नाश
विस्तृत लाभ
असीम समृद्धि, कुबेर-समान धन प्राप्ति और सभी प्रकार के विघ्नों का समूल नाश 25।
जप काल
नित्य धन-वृद्धि साधना के समय।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ फालनेत्रसुताय नमः
स्वौं (Svaum)
प्रतीच्यां उन्मत्त भैरवाय नमः प्रतीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8
ॐ काशीश्वरमनोरमायै नमः
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पूरुषानहम्॥