शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ हविषे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपहवि (आहुति)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं यज्ञ की आहुति रूप हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
यज्ञ का पूर्ण फल
विस्तृत लाभ
यज्ञ का पूर्ण फल
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
ॐ विनायकायै नमः
ॐ गुणाकराय नमः
आग्नेये रूरु भैरवाय नमः आग्नेये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ स्ह्क्ल्रीं हं नमः।
ॐ आद्यायै नमः