शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ कलनादनिनादिन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चक्रवाक पक्षी के समान मधुर एवं रहस्यमयी नाद करने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सूक्ष्म ध्वनियों (नाद-ब्रह्म) को सुनने की क्षमता का विकास
विस्तृत लाभ
सूक्ष्म ध्वनियों (नाद-ब्रह्म) को सुनने की क्षमता का विकास।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
तव करकमलवरे नखमद्भुतशृंगं दलितहिरण्यकशिपुतनुभृंगम्। केशव धृतनरहरिरूप जय जगदीश हरे॥
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं सर्व मङ्गलाय पिङ्गलाय ॐ नमः
ॐ पुण्यगन्धायै नमः
ॐ ऋषिप्रवरवन्द्याय नमः
ॐ सुमुख्यै नमः